Fauj me hai mouj hajar rupaye roj hai ,keya aap jante hai ki jamin ki kimat fauhi ki himmat kabhi kam nahi hoti . pura padhe fauji ke bare me

फौज में मौज है;
हजार रूपये रोज है;
थोड़ा सा गम है;
इसके लिए भी रम है;
ज़िंदगी थोड़ी रिस्की है;
इसके लिए तो व्हिस्की है;
खानें के बाद फ्रुट है;
मरनें के बाद सैलूट है;
पहनने के लिए ड्रैस है;
ड्रैस में जरूरी प्रेस है;
सुवह-सुबह पी.टी है;
वॉर्निग के लिए सीटी है;
चलने के लिए रूट है;
पहनने के लिए D.M.S बूट है;
खाने के लिए रिफ्रैशमेंन्ट है;
गलती करो तो पनिशमेंट है;
जीते-जी टेंशन है;
मरने के बाद पेंशन है।

‬: कहते हैं फौजी आधे पागल होते हैं.
.सही कहते हैं..पागल होना भी चाहिये..
वर्ना किसमें इतना दम होगा जो

-60° के ग्लेसियर में..और

+55° के रेगिस्तान में दुश्मन के आगे सीना चौड़ा करके खड़ा हो जाएगा..
— ये हर किसी के बस की बात नही!
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जमीन की कीमत और
फौज की  हिम्मत
कभी कम नहीं हो ...सकती

दिल तो आशिक तोडते है साहब.......

हम तो सरहद के रखवाले हैं... Record तोडते हैं

अंजाम की फिक्र
तो कायरों को होती है, 

हम तो फ़ौज_वाले है, 👈
जहाँ Risk होती है, वहाँ हमारी Entry Fix  होती है....

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जय जवान जय किसानF

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