स्वास्थ्य परिश्रम में है,और श्रम के अलावा वहां तक पहुंचने का कोई दूसरा राजमार्ग नहीं श्रेष्ठता जन्म से नहीं गुणों से होती है, दूध, दहीं, घी सब एक ही कुल के होते हुए भी, सबके मूल्य अगल अलग होते है आप पूरा पढ़े कुछ सीखे ....
स्वास्थ्य परिश्रम में है,
और श्रम के अलावा वहां तक
पहुंचने का कोई दूसरा राजमार्ग नहीं !!
श्रेष्ठता जन्म से नहीं गुणों से होती है,
दूध, दहीं, घी सब एक ही कुल के होते हुए भी,
सबके मूल्य अगल अलग होते है !!
बड़प्पन अमीरी में नहीं,
इमानदारी और सज्जनता में सन्निहित है !!
अदब सीखनी है तो कलम से सीखो,
जब भी चलती है तो सर झुका के चलती है !!
बड़ो से बात करने का तरीका
आपकी तमीज बताता है,
और छोटों से बात करने का तरीका
आपकी परवरिश,
अपने शब्दों में ताकत डाले आवाज में नहीं,
क्यूंकि बारिश से फुल खिलते है तूफ़ान से नहीं !!
आलसी व्यक्ति का
न तो भविष्य होता है न ही वर्तमान !!
अच्छी आदतों को हमें,
कट्टरता के साथ अपनाना चाहिए !!
आपके जीवन की कुल किम्मत को,
आपकी बुरी आदतों में से,
अच्छी आदतों को घटाकर ही
पता किया जा सकता है !!
आदतों को सुधारने के अलावा
आपको और कुछ सुधारने की जरुरत नहीं है !!
उस घर के किसी काम में कभी बरकत नहीं होती,
जिस घर में माँ बाप की इज्जत नहीं होती !!
माँ और बीवी दोनों को हंमेशा बेपनाह प्यार ओर इज्जत दो,
एक तुम्हे इस दुनिया में लाइ है,
और दूसरी सारी दुनिया को छोड़कर तुम्हारे पास आई है !!
मुझे कोई और जन्नत का पता नहीं,
क्यूंकि हम माँ के कदमो को ही जन्नत कहते है !!
और श्रम के अलावा वहां तक
पहुंचने का कोई दूसरा राजमार्ग नहीं !!
श्रेष्ठता जन्म से नहीं गुणों से होती है,
दूध, दहीं, घी सब एक ही कुल के होते हुए भी,
सबके मूल्य अगल अलग होते है !!
बड़प्पन अमीरी में नहीं,
इमानदारी और सज्जनता में सन्निहित है !!
अदब सीखनी है तो कलम से सीखो,
जब भी चलती है तो सर झुका के चलती है !!
बड़ो से बात करने का तरीका
आपकी तमीज बताता है,
और छोटों से बात करने का तरीका
आपकी परवरिश,
अपने शब्दों में ताकत डाले आवाज में नहीं,
क्यूंकि बारिश से फुल खिलते है तूफ़ान से नहीं !!
आलसी व्यक्ति का
न तो भविष्य होता है न ही वर्तमान !!
अच्छी आदतों को हमें,
कट्टरता के साथ अपनाना चाहिए !!
आपके जीवन की कुल किम्मत को,
आपकी बुरी आदतों में से,
अच्छी आदतों को घटाकर ही
पता किया जा सकता है !!
आदतों को सुधारने के अलावा
आपको और कुछ सुधारने की जरुरत नहीं है !!
उस घर के किसी काम में कभी बरकत नहीं होती,
जिस घर में माँ बाप की इज्जत नहीं होती !!
माँ और बीवी दोनों को हंमेशा बेपनाह प्यार ओर इज्जत दो,
एक तुम्हे इस दुनिया में लाइ है,
और दूसरी सारी दुनिया को छोड़कर तुम्हारे पास आई है !!
मुझे कोई और जन्नत का पता नहीं,
क्यूंकि हम माँ के कदमो को ही जन्नत कहते है !!
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