बदल रहा है दुनिया बदल रहे है सजोग , लेकिन हो रहा है सब उल्लटा हो रहे है जनवर आदमी हो रहे है आदमी जानवर ये जबाने में इंसानों में इंसानियत नहीं रही काटते मारते है एक दुसरे को नहीं रहा आब प्यार अब तो देखलो आखे खोल कर कैसे ये जानवर मिलकर रहते खेलते है एक साथ ,,,,,,
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