पूरी उमर बीत गई पर एक जरा सी बात समझ में नहीं आई हो जाए जिनसे महोब्बत, वो लोग कदर क्यूं नहीं करते..... बहुत से सायेरी है पढने के लिए निचे ब्लोग्ग को ओपन करे

तुम दूर..बहुत दूर हो मुझसे.. ये तो जानता हूँ मैं…
पर तुमसे करीब मेरे कोई नही है.. बस ये बात तुम याद रखना…

ना वक्त इतना हैं कि सिलेबस पूरा किया जाए;
ना तरकीब कोई की एग्जाम पास किया जाए;
ना जाने कौन सा दर्द दिया है इस पढ़ाई ने;
ना रोया जाय और ना सोया जाए

उम्र की राह में जज्बात बदल जाते है।
वक़्त की आंधी में हालात बदल जाते है
सोचता हूं काम कर-कर के रिकॉर्ड तोड़ दूं।
कमबख्त सैलेरी देख के ख्यालात बदल जाते हैं


जभी मिलती है inbox पे कुछ कहने से डरती है वो..
कब आउंगा में online इस इंतज़ार में रहती है वो..
बड़ी ही सरीफ है बात बात पे शर्माती है वो…
गुस्सा न हो जाऊं कहीं हर बात पे sorry बोलती है वो…
मेरे लिऐ आज भी थोड़ा सा वक्त खर्च करती है वो …
google पर आकर आज भी मुझे सर्च करती है वो..

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