आप दिन में ऊंघते आवर रत में नीद नहीं आती जाने क्यों ....

आप दिन में ऊंघते और रात में जागते हैं, अगर हां तो जरूर पढ़ें ये खबर..


आज की बिगड़ी लाइफस्टाइल का असर हमारे स्वास्थ्य पर पडऩे लगा है। हम रात को जाग रहे हैं और दिन में ऊंघने लगे हैं। कहीं आप भी ऐसे ही दौर से तो नहीं गुजर रहे? इन सवालों के जवाब देकर जानिए क्या सचमुच आपके साथ ऐसा हो रहा है? अगर हां, तो आपको क्या करना चाहिए इस पर भी गौर फरमाएं...

1.      दोपहर के खाने के करीब आधे घंटे बाद जम्हाइयां लेते है
2.      किसी भी मौसम में दोपहर 2 से 3 बजे की बीच ऊंघते हैं?
3.     आप सार्वजनिक जगह पर या  किसी आयोजन में ऊंघे बिना नहीं रह सकते.
4.      करीब घंटेभर तक कार चलाने के दौरान ठंडी हवा झपकी लेने पर मजबूर कर देती है? 
5.     टीवी देखने या थिएटर में बैठे हों तो एक-दो झपकी लेते है?
6.     बैठकर किसी से बातचीत करते हुए थोड़ा ऊंघ लिया करते हैं?
7.     बिना काम के चुपचाप बैठने पर आप कुर्सी पर ऊंघते हैं?
8.     किसी लंबे ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति में या भारी शोर के बीच भी आप ऊंघ लेते हैं?    
9.     किसी की बोरिंग स्पीच या बातों पर आप ऊंघने की स्थिति में चले जाते हैं?
आप झपकी लेने से ग्रस्त हैं- यदि आपका कुल स्कोर 10 से ज्यादा है तो आपको रात में न सोने या स्लिपिंग डिस्ऑर्डर व दिन में ऊंघने की बीमारी है। इ
करने के लिए सबसे पहले अपने शरीर को कष्ट देना शुरू कीजिए। कुछ ऐसा कीजिए जिससे पसीना निकले और फिर जल्दी भोजन करने के बाद समय पर सो जाएं।   
आप है फुली फ्रेश- यदि आपका कुल स्कोर 10 से कम है तो आप ऊंघने की बीमारी से मुक्त हैं। अपनी दिनचर्या, आहार व गतिविधियों में संतुलन बनाए रखने के लिए खुद को और अपनी आदतों को छोटे लालचों से दूर रखने की आदत डालें।

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