पुराने जबाने के मोबाइल को बुलेट प्रूफ कहते थे जाने कौन सा मोबाइल क्रांति लेकर आया था . है मोबाइल की दुनिया के सीनियर मोबाइल जाने कैसे बने थे ये मोबाइल .

ये है मोबाइल  की  दुनिया के  सीनियर मोबाइल  जाने  कैसे  बने थे ये मोबाइल .




एक जमाने में यही फोन हम सबकी हसरत हुआ करते थे. इन मोबाइल फोन्स के दीवानों की कोई कमी नहीं थी, लेकिन आज या तो ये कहीं दिखाई नहीं देते या घर के किसी कोने में धूल फांक रहे होंगे. वैसे मोबाइल की दुनिया के इन सीनियर सिटिजन्स को अब सम्मान तो नहीं ही मिलता, ओल्ड ऐज होम भी नसीब नहीं हुआ.
मोबाइल निर्माता कंपनी नोकिया के हैंडसेट नोकिया 3310 और 3315 इतने मजबूत फोन थे कि इन्हें लोग मजाक में बुलेट प्रूफ भी बताते थे. ये फोन भले ही बुलेट प्रूफ ना हों, लेकिन मजबूती के नाम पर आज भी लोग इन दोनों मोबाइल हैंडसेट्स के कसीदे पढ़ते हुए नजर आ जाएंगे.
मोटोरेजर वी3आई गोल्ड
2005 में लॉन्च हुए मोटोरेजर वी3आई में 10 एमबी की इंटरनल मेमोरी और 512 एमबी का एसडी कार्ड सपोर्ट था. 1.23 मेगापिक्सल कैमरे से लैस इस फोन में ब्लूटूथ और मिनी यूएसबी जैसे फीचर्स भी थे. इस फ्लैप फोन में दोहरी स्क्रीन थी, फ्लैप बंद रहने पर भी बाहर की छोटी स्क्रीन पर टाइम, एसएमएस व कॉल अलर्ट आ जाते थे. जबकि अंदर की बड़ी स्क्रीन पर आप फोन से जुड़ी अन्य एक्टीविटी कर सकते थे. मोटोरेजर वी3आई गोल्ड के दीवानों की कमी न तो उस समय थी, जब कंपनी इसे बना रही थी, लेकिन मार्केट में उपलब्ध नहीं था और ना अब है जबकि कंपनी ने इसे बनाना बंद कर दिया है.
नोकिया 6600
नोकिया 6600 एक तरह से मोबाइल की दुनिया में क्रांति लेकर आया. 2003 में लॉन्‍च हुए नोकिया के इस फोन में कैमरा लगा था और इसी के साथ भारत में पहली बार लोग एमएमएस जैसे शब्‍द से रूबरू हुए. कहा जा सकता है कि इसी फोन से मोबाइल ने स्‍मार्ट होना शुरू कर दिया था. इस फोन में नोकिया ने अपने सिम्‍बियन ऑपरेटिंग सिस्‍टम का इस्‍तेमाल किया था. यह रंगीन फोन था और अपने समय में सबसे महंगे हैंडसेट्स में से एक था. 104 मेगाहर्ट्ज का प्रोसेसर, 32एमबी तक का एमएमसी कार्ड स्‍लॉट, 6एमबी इंटरनल मेमोरी, वीडियो प्‍ले, कैमरा, ब्‍लूटूथ, इंफ्रारेड और वैप ब्राउजर इसकी खूबियां थीं. इसमें 850 एमएएच की बैटरी लगी थी.
नोकिया 6600

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