दलितों, गरीबों और दबे-कुचलों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार: PM मोदी
वाराणसी: हैदराबाद में एक दलित छात्र की खुदकुशी के मुद्दे पर केन्द्र सरकार पर चौतरफा हमलों के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि उनकी सरकार दलितों, गरीबों और दबे-कुचलों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
मोदी ने अपने चुनाव क्षेत्र के विक्लांग लोगों को सहायता उपकरणों के वितरण के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में दलितों का जिक्र किया, लेकिन उन्होंने हैदराबाद विश्वविद्यालय के एक दलित शोधार्थी की आत्महत्या पर जारी विवाद की कोई चर्चा नहीं की जिसमें उनके दो मंत्री आलोचनाओं से घिरे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘यह सरकार गरीबों, दलितों, शोषितों और वंचितों को समर्पित है और उनके लिए कुछ करने की कोशिश करेगी जिन्हें अपने जीवन में कष्ट झेलने पड़े हैं। यह सरकार गरीबों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध है कि कैसे उनका जीवन बदला जा सकता है और यह सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।’ मोदी ने कहा कि उनपर हमेशा जबरदस्त हमला किया जाता रहा है और उन्हें विवादों में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन वह गरीबों के लिए काम करने से पथ से नहीं डिगेंगे।
उन्होंने कहा, ‘कई बार ऐसा प्रतीत होता है कि समूचा विश्व मेरे खिलाफ है। सुबह से ही मैं सभी तरफ से हमलों का निशाना हूं। उनका प्रयास मोदी को उसके पथ से डिगाने और उसे विवादों में फंसाने का है।’
मोदी ने कहा, ‘लेकिन मेरा मंत्र गरीबों और दबे-कुचलों की मदद करने का है और इसीलिए मैं इनसे बेपरवाह रहता हूं। यह सब इसलिए हो रहा है कि व्यवस्था बदल रही है और बिचौलियों को हटाया जा रहा है।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘नट-बोल्ट कसे जा रहे हैं, दुकानें बंद की जा रही हैं और यही वजह है कि ये समस्याएं उभर रही हैं। इस तरह के लोग परेशान हैं लेकिन मैं परेशान नहीं हूं। अगर मुझे दुख होता है तो यह गरीबों की दुर्दशा और उनकी समस्याओं से है और बिचौलियों की समस्याओं से नहीं है।’
उन्होंने अपंगों के प्रति मानसिकता बदलने का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें ‘विक्लांग’ के बदले ‘दिव्यांग’ के रूप में संबोधित करना चाहिए और लोगों को समझना चाहिए कि ईश्वर ने इस तरह के लोगों को त्रुटि के बजाय विशेष शक्ति प्रदान की है। मोदी ने सरकारी दफ्तरों में इस तरह के लोगों को सुविधा प्रदान करने और उनके जीवन आरामदेह बनाने में मदद करने के लिए ‘सुगम्य भारत अभियान’ चलाने की भी घोषणा की। जरूरत पड़ी तो उनके लिए कुछ नियम कायदे भी बदले जा सकते हैं। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि अबसे हर सरकारी दफ्तर में अपंगों के लिए रैंप और शौचालय की सीटें होंगी।
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